पूर्ण विकासेच्छु संकल्प का पहला स्तर

पूर्ण विकासेच्छु संकल्प का पहला स्तर

पूर्णता की ओर अग्रसर होने वाला प्राणशक्ति से निकला हुआ संकल्प जब किसी भी माँ के गर्भ में आकर गर्भस्थ भ्रूण के मस्तिष्क में अपना स्थान बना लेता है । तब वह शनैः शनैः अपना विस्तार करने लगता...
प्रभु की सच्ची भक्ति

प्रभु की सच्ची भक्ति

जन साधारण की प्रायः यही धारणा होती है की प्रभु का नाम स्मरण , जप , तप , पुजा , पाठ आदि करना ही वास्तव में प्रभु भक्ति है और गृहस्थी के कामकाज में लगे रहना प्रभु भक्ति नहीं हो सकती । यह तो...
 प्राण शक्ति का शेष भाग .....

प्राण शक्ति का शेष भाग .....

आगे .....  प्राण शक्ति से सब जुड़े हैं । संकल्प मिश्रित वायु , अग्नि , जल , पृथ्वी , पेड़ की जड़ , तना , मोटी डलियाँ , छोटी डलियाँ , टहनियों से जुड़ा एक पत्ता । विवेचन से स्पष्ट...
विचार तत्व

विचार तत्व

विचार तत्व कोई भी व्यक्ति यदि कभी थोड़ा ध्यान दें तो उसे स्पष्ट अनुभव होगा की उसके मस्तिष्क में निरंतर विचार आते रहते है । कितना ही इन्हें रोका जाये वे चलते ही रहते है । हाँ इतना अवश्य ही की...
God every where present: राहु – केतु

God every where present: राहु – केतु

God every where present: राहु – केतु: v परिचय – यह धुआँ जैसा , नीले रंग का , वनचर , भयंकर , प्रकृती का तथा बुद्धिमान होता है । - पराशर v इस ग्रह का शरीर आधा , ....
राहु – केतु

राहु – केतु

v  परिचय – यह धुआँ जैसा ,नीले रंग का , वनचर , भयंकर , प्रकृती का तथा बुद्धिमान होता है । - पराशर v  इस ग्रह का शरीर आधा , महाबलवान , काजल के पहाड़ जैसा , अंधकाररूप , भयंकर , साँप...