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God every where present: राहु – केतु

God every where present: राहु – केतु

God every where present: राहु – केतु: v परिचय – यह धुआँ जैसा , नीले रंग का , वनचर , भयंकर , प्रकृती का तथा बुद्धिमान होता है । - पराशर v इस ग्रह का शरीर आधा , ...
राहु – केतु

राहु – केतु

v  परिचययह धुआँ जैसा ,नीले रंग का , वनचर , भयंकर , प्रकृती का तथा बुद्धिमान होता है । - पराशर

v  इस ग्रह का शरीर आधा , महाबलवान , काजल के पहाड़ जैसा , अंधकाररूप , भयंकर , साँप जैसा , मुकुटयुक्त , भयंकर मुख से युक्त है । यह सिंहिका राक्षसी का पुत्र है । भक्तियोग अध्यत्मिक उन्नति , ज्ञान , मुक्ति , घर के खेल – कैरम , ताश पाँसे आदि ।

v  कारकत्व  – प्रवास का समय , रात्रि , सोए हुए प्राणी , जुआ तथा साँपो का कारक राहु है । व्रण , चर्मरोग , भूख फोड़े – फुंसी इन का कारक केतु है ।  - पराशर

v  ह्रदय , रोग , विषबाधा , पैर के रोग , पिशाच बाधा , पत्नी या पुत्र का दुख , ब्राह्मण और क्षत्रियों , शत्रु का भय , प्रेतबाधा , शरीर की मलिनता से रोग यह केतु के कारकत्व है ।



राहु का विवरण राशियों के अनुसार


1.       मेष – यह पुरुष राशि , अग्नि तत्व की है । यह मंगल की प्रधान राशि है । यह राहु क लिए अशुभ है ।

2.       वृषभ – यह स्त्री राशि , भूमि तत्व की राशि है । यह शुक्र की राशि है । यह राहु के लिए शुभ है ।

3.       मिथुन – यह पुरुष राशि , वायु तत्व की राशि है । यह बुध की प्रधान राशि है । राहु के लिए अशुभ है । पर कुछ ज्योतिषों के अनुसार ये राहु की उच्च राशि है ।

4.       कर्क – यह स्त्री राशि , जल तत्व की राशि है । यह चंद्रमा की प्रधान राशि है । यह राहु के लिए शुभ है ।

5.       सिंह – यह पुरुष राशि , अग्नि तत्व की राशि है । यह सूर्य की प्रधान राशि है । यह राहु की प्रिय राशि है ।

6.       कन्या – यह स्त्री राशि , प्रथ्वी तत्व की राशि है । यह बुध की राशि है । राहु के लिए अशुभ है ।

7.       तुला – यह पुरुष राशि , आद्र , उष्ण राशि है । यह शुक्र की प्रधान राशि है । राहु के लिए अशुभ है ।

8.       वृचिक – यह स्त्री राशि , शीत जलतत्व की राशि है । यह मंगल की राशि है । यह राहु की प्रिय राशि है ।

9.       धनु – यह पुरुष राशि , अग्नि तत्व की राशि है । यह गुरु की प्रधान राशि है । यह राहु के लिए अशुभ है ।

10.   मकर – यह स्त्री राशि , प्रथ्वी तत्व की राशि है । यह शनि की राशि है । यह राहु की लिए शुभ है ।

11.   कुम्भ – यह पुरुष राशि है । यह शनि की प्रधान राशि है । यह राहु के लिए अशुभ है ।

12.   मीन – यह स्त्री राशि है । यह जलतत्व राशि है । यह गुरु की राशि है । यह राहु के लिए शुभ है ।   
God every where present: बारहवें भाव में शनि के प्रभाव और उपाय

God every where present: बारहवें भाव में शनि के प्रभाव और उपाय

God every where present: बारहवें भाव में शनि के प्रभाव और उपाय: 1. जन्मकुंडली के बारहवें घर में शनि की उपस्थिति अनिष्ट फलदायी मानी गई है । ऐसा व्यक्ति धन से हिन , पुत्र सुख से वंचित , विकल...
बारहवें भाव में शनि के प्रभाव और उपाय

बारहवें भाव में शनि के प्रभाव और उपाय



1.       जन्मकुंडली के बारहवें घर में शनि की उपस्थिति अनिष्ट फलदायी मानी गई है । ऐसा व्यक्ति धन से हिन , पुत्र सुख से वंचित , विकलांग (शरीर के किसी भाग में कुछ न कुछ परेशानी होती है ) और मूर्ख होता है ।
2.       बारहवें भाव में शनि दाँतो को तो खराब करता ही है परंतु आंखों को भी नुकसान पहुँचता है ।
3.       शनि अगर लग्न का मालिक हो तो पैत्रक स्थान से दूर प्रगति करवाता है ।
4.       व्यक्ति अनेकानेक व्यक्तियों का नेत्रत्व करता है ।
5.       जिस व्यक्ति के बारहवें घर में शनि हो , वह परिवार को दुख देने वाला होता है ।
6.       उसकी आँखें छोटी – छोटी एवं निर्ल्लज होती है ।
7.       व्यक्ति का स्वभाव कड़वा , किसी पर विश्वास न करने वाला होता है ।
8.       यात्राओं का इन्हें विशेष शौक होता है तथा यात्रा से लाभ भी रहता है ।
9.       शिक्षा के हिसाब से व्यक्ति साधारण ही होते है ।
10.   व्यक्ति जीव जगत से विरक्त हो जाता है ।
11.   प्रथम संतान कन्या होती है ।
ऐसा व्यक्ति चिरकालिक सुयश प्राप्त करता है ।

बारहवें भाव में शनि के लाल किताब के उपाय


·         प्रथम जातक झूठ न बोले ।
·         शराब और माँस से दूर रहें ।
·         चार सूखे नारियल बहते पनि में परवाहित करें ।
·         शनि यंत्र धारण करें ।
·         शनिवार के दिन काले कुत्ते ओर गाय को रोटी खिलाएँ ।
·         शनिवार को कडवे तेल , काले उड़द का दान करे ।
सर्प को दूध पिलाएँ 

God every where present: एकादश भाव में शनि का प्रभाव और उपाय

God every where present: एकादश भाव में शनि का प्रभाव और उपाय

God every where present: एकादश भाव में शनि का प्रभाव और उपाय: 1. यदि कुंडली के एकादश भाव में शुभ शनि हो तो व्यक्ति उत्तम आय वाला , शूर निरोगी , धनी , लम्बी आयु और स्थिर संपत्ति वाला प्...
एकादश भाव में शनि का प्रभाव और उपाय

एकादश भाव में शनि का प्रभाव और उपाय


1.       यदि कुंडली के एकादश भाव में शुभ शनि हो तो व्यक्ति उत्तम आय वाला , शूर निरोगी , धनी , लम्बी आयु और स्थिर संपत्ति वाला प्रपंच शिरोमणि तथा अनेक आयामों सौभाग्यशालि सिद्ध होता है ।
2.       उसे स्वास्थ्य की गंभीर समस्या कभी नहीं होती । वह निश्चिन्त रहता है ।
3.       अगर एकादश भाव में शनि नीच का होतो वह आदमी हमेशा दुखी रहता है ।
4.       प्राप्त धन रुकता है तथा लाभ भी प्राप्त होता है । इच्छित विध्या पूर्ण नहीं हो पाती है ।
5.       ऐसे व्यक्ति के एकादश भाव में शनि होता है वह कुशल प्रशासक उच्च पदस्थ अधिकारी होता है । तथा समाज में सम्मान होता है ।
6.       ऐसे व्यक्ति के पास आय के कई स्त्रोत होते है । जिनसे स्थायी आमदनी होती रहती है ।
7.       परिवार में भी ऐसे व्यक्ति का सम्मान होता है । तथा जीवन के 36वें वर्ष के बाद से पूर्ण भाग्योदय होता है ।
8.       सामान्यत: एकादश भाव में शनि पुत्र संतान हेतु शुभ नहीं होता ।
9.       ऐसा शनि किसी भी कार्य को निर्विघ्न सम्पन्न नहीं होने देता ।
10.   व्यक्ति को शासन से बहुमुखी स्थायी लाभ अवश्य हो सकता है ।




एकादश भाव में शनि के लाल किताब के उपाय  



·         शराब और माँस से दूर रहें ।
·         मित्र के वेश मे छुपे शत्रुओ से सावधान रहें ।
·         सूर्योदय से पूर्व शराब और कड़वा तेल मुख्य दरवाजे के पास भूमि पर गिराएँ ।
·         परस्त्री गमन न करें ।
·         शनि यंत्र धारण करें ।
·         कच्चा दूध शनिवार दिन कुएं में डालें ।
·         कौवों को दना खिलाएँ ।
God every where present: दशम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय

God every where present: दशम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय

God every where present: दशम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय: 1. दशवें भाव में शनि हो तो वह आदमी न्यायप्रिय , अधिकार पाने वाला , राज्य का योग , होशियार , पेट की पीड़ा से परेशान , परि...
दशम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय

दशम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय

1.        दशवें भाव में शनि हो तो वह आदमी न्यायप्रिय , अधिकार पाने वाला , राज्य का योग , होशियार , पेट की पीड़ा से परेशान , परिश्रमी , लड़ाई में जीत प्राप्त करने वाला होता है ।
2.       दशम भाव में शनि की स्थिति व्यक्ति को धनवान बनाती है । नौकरी में व्यक्ति प्रगति करता है ।
3.       जीवन ऐशो – आराम से बिताना इनका ध्येय होता है ।
4.       योगी स्वभाव के ऐसे व्यक्ति परिस्थिति को समझकर कार्य करने वाले होते है ।
5.       इनके रहन – सहन में प्रदर्शन अधिक रहता है । अनेकानेक खर्चे भी आते रहते है ।
6.       माता – पिता के विचारों से मेल नहीं खाते , फलस्वरूप पारिवारिक कलह बनी रहती है ।
7.       इस भाव में शनि की स्थिति अपना एक विशेष महत्व रखती है । व्यक्ति के सम्पूर्ण कर्मक्षेत्र पर शनि के प्रभाव का सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव दिखाई देता है ।
8.       इनका वैभव स्वार्जीत होता है । इन्हें कोषाधिकारी अथवा दंडाधिकारी के महत्वपूर्ण पद प्राप्त होते है ।
9.       व्यक्ति पैत्रक संपत्ति का उपयोग नहीं कर पाता , परंतु अपने व्यापार से वह भौतिक सुख – यश प्राप्त करता है ।
10.   दशम भाव में शनि पिता का नाश करता है ।
11.   भाग्योदय जन्म भूमि से दूर होता है । व्यक्ति न्यायालय , पुलिस , सेना अथवा तकनीकी कार्यो से आजीविका प्राप्त करता है ।
12.   स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं की सदस्यता प्राप्त हो सकती है ।


  दशम भाव में शनि के लाल किताब के उपाय 



·         पीले रंग का रुमाल सदैव अपने पास रखें ।
·         आप अपने कमरे के पर्दे , बिस्तर का कवर , दीवारों का रंग आदि पीला रंग की करवाएँ यह आप के लिए उत्तम रहेगा ।
·         पीले लड्डू गुरुवार के दिन बाँटे ।
·         आपने नाम से मकान न बनवाएँ ।
·         अपने ललाट पर प्रतिदिन दूध अथवा दही का तिलक लगाए ।
·         शनि यंत्र धारण करें ।
·         जब भी आपको समय मिले शनि दोष निवारण मंत्र का जाप करे ।
नवम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय

नवम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय




नवम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय

1.       नवम भाव में शनि हो तो वह आदमी जड़ बुद्धि वाला , लकीन स्वभाव मीठा होता है
2.       नवम भाव में शनि होतो शनि की महादशा में महात्मा बन सकता है ।
3.       नवम भाव में शनि होतो घूमने वाला , पतला शरीर , धार्मिक , माताहीन तथा विरोधियों का नाश करने वाला होता है ।
4.       जिस मनुष्य के नवम भाव में शनि होता है । वह व्यक्ति बोलचाल एवं राजनीति में अच्छा होता है ।
5.       जीवन की प्रारंभिक विकास सामान्य ही होता है । परंतु समर्थ होने पर वह परिस्थितियों को अपने अनुकूल बनाकर उन्नति करता है ।
6.       जीवन का उद्देश हमेशा नजर में रहता है । तथा जो भी कार्य करता है , वह सोच – समझ कर करता है ।
7.       पढ़ाई लिखाई के समय में तथा आजीविका के लिए इसे कठोर श्रम करते रहना पड़ता है ।
8.       यह श्रम का मूल्य एवं महत्व समझता है तथा श्रम के बल पर ही उन्नति भी करता है । भाग्य इसके अनुकूल रहता है
9.       ऐसा व्यक्ति दुर्जन भी होता है ।
10.   मेष , सिंह , मिथुन , व्रश्चिक , मीन राशि पर नवम भाव में शनि से व्यक्ति 36वें वर्ष के बाद उन्नति के आवसर प्राप्त करता है ।
11.   शादी विवहा विलंब से एवं अपारंपरिक नीति से होता है । प्रवास काल में विदेशी पत्नी का भी योग सम्भव है ।





नवम भाव में शनि के लाल किताब के उपाय

·         पीले रंग का रुमाल सदैव अपने पास रखें ।
·         साबुत मूंग मिट्टी के बर्तन में भरकर नदी में प्रवाहित करें ।
·         साव 6 रत्ती का पुखराज गुरुवार को धारण करें ।
·         कच्चा दूध शनिवार दिन कुएं में डालें ।
·         हर शनिवार के दिन काली गाय को घी से चुपड़ी हुई रोटी नियमित रूप से खिलाएँ ।
·         शनिवार के दिन किसी तालाब, नदी में मछलियों को आटा डाले ।
God every where present: आर्थिक और व्यवसाय में सफलता के अचूक उपाय

God every where present: आर्थिक और व्यवसाय में सफलता के अचूक उपाय

God every where present: आर्थिक और व्यवसाय में सफलता के अचूक उपाय: 1. धन रखने के स्थान पर या तिजोरी में हमेशा लाल वस्त्र बिछाएँ । 2. यदि आपके पास धन रुकता नहीं है तो महीने के पहले शुक्रव...
अष्टम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय  with in English

अष्टम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय with in English


अष्टम भाव में शनि का प्रभाव
1.        अष्टम भाव में शनि हो तो आदमी बंधु तथा परिवार से बैरभाव रखता है ।
2.       अष्टम भाव का शनि हो तो  व्यक्ति को लंबी उम्र प्राप्त करता है ।
3.       अष्टम भाव में शनि हो तो व्यक्ति घर से दूर रहकर आजीविका प्राप्ति में कष्टरत रहता है ।
4.       ऐसे व्यक्ति को परिवार से विशेष प्यार नहीं मिलता ।
5.       यदि शनि क्षीण होता है तो चोरी के इल्जाम में पकड़ा जाता है । या इस व्यक्ति पर झूठा मुकदमा चलता है ।
6.       कई बार व्यक्ति को गलतफहमियों के कारण इसे बुरा समझ लिया जाता है ।
7.       अष्टम भाव में शनि हो तो व्यक्ति कई बार अच्छे – बुरे का ध्यान नहीं रखता ।
8.       वह विवेकवान व्यक्तियों के निकट नहीं रहता  ।
9.       स्वदेश से परे रहकर वो कष्ट भोगता है ।
10.   तुला , मकर , और कुम्भ राशि का शनि अष्टम भाव में वैवाहिक संबंध से धन लाभ कराता है ।
11.   अष्टम भाव के शनि से संभव है की व्यक्ति को मृत्यु का पूर्वाभास हो जाए ।
12.   व्यक्ति 75 वर्ष का जीवन भोगता है , निम्न स्त्री सहवासी एवं आजीविका पीड़ित होता है ।

अष्टम भाव में शनि के लाल किताब क उपाय
·         गले में चाँदी की चेन धारण करें ।
·         शराब का त्याग करे और मांसाहार भी न करे ।
·         शनिवार के दिन आठ किलो उड़द बहती नदी में प्रवाहित करें । उड़द काले कपड़े में बांध कर ले जाएँ और बंधन खोल कर ही प्रबहित करें ।
·         सोमवार के दिन चावल का दान करना आपके लिए उत्तम हैं ।
·         काला कुत्ता पालें और उसका पूरा ध्यान रखें ।


IN ENGLISH  


                                                VIII Influence of Saturn in the sense


1. VIII, the man sat in the sense of brotherhood and family is malice

2. VIII Sat sense if the person receives longevity.
3. VIII sense if Saturn is Kshtrt in receipt of a living person being away from home.
4. A person does not love the family special.
5. If Saturn is weak has been arrested on charges of breaking and entering. Or the person that runs a false case.
6. Many times the person because of misunderstandings, it is considered bad.
7. VIII house several times, then sat in the sheep and goats do not care.
8. He is not near Vivekwan individuals.
9. Home beyond the suffering she is staying.
10. Libra, Capricorn, Aquarius and the Sun VIII funds benefit from marriage makes sense.
11. VIII expressions Saturn is a precursor to the possible death of the person.

12. Person indulges a life of 75 years, the female partner and career would suffer.





                         Saturn's Red Book VIII of the measure in the sense

• Hold the neck a silver chain.
• to give up alcohol and not to eat meat.
• Saturday to eight-pound black flowing river. Black in black clothes to pack and move and loose the same Prabhit.
• Monday to donate rice are good for you
.• black dog a lot, and take care of her.








सप्तम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय With English

सप्तम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय With English



  1.       सातवें भाव में शनि होतो आदमी कोई भी कार्य शुरू करने के बाद हिम्मत नहीं हारता और धन स्थायी रहता है ।
  2.       जिस व्यक्ति के सप्तम भाव में शनि होता है वह स्त्री सुख से वंचित रहता है । यदि शनि निर्बल हो या सप्तम भाव पर शुभ स्थानों पर बैठे शुभ ग्रहों की द्रष्टि हो तो कुछ पत्नी सुख प्राप्त होता है , परंतु फिर भी पत्नी के कारण कलहा बनी रहेगी तथा वह दाम्पत्य जीवन का पूर्ण आनंद न उठा सकेगा ।
  3.       सप्तम भाव में शनि हो तो व्यक्ति कठोर ह्रदय और राजनीति में अच्छा होता है , परंतु यह सुख एकांगी ही कहा जा सकता है ।
  4.       सप्तम भाव में शनि होतो व्यक्ति के लिए यात्रा करना भी कष्टदायक हो सकता है । 
  5.       व्यक्ति को न्यायालय एवं राज्य से निराशा प्राप्त होती है
  6.       प्रबल शनि सप्तम भाव में पत्नी से संपत्ति प्रदान करता है , स्थायी वैभव भी संभव है ।
  7.       ऐसा शनि स्त्री की कुंडली में होतो उसका विवहा विधुर , आयु में बड़े एवं संपत्तिवान व्यक्ति से होता है ।
  8.       मिथुन , कन्या , धनु , मीन राशि का शनि सप्तम भाव में ज्योतिष , अध्यापन , सम्पादन , गणित , मुद्रण के क्षेत्र में सहायक होता है ।
  9.       बाल्यावस्था में माता अथवा पिता का देहांत होता है , व्यक्ति गोद भी लिया जा सकता है ।
  10.   52 से 55वें वर्ष में धर्मपत्नी से विछोह संभव है ।




सप्तम भाव में शनि के लाल किताब के उपाय

1.   पराई स्त्री से अवैध संबंध कदापि न बनाएँ ।
2.   हर शनिवार के दिन काली गाय को घी से चुपड़ी हुई रोटी नियमित रूप से खिलाएँ ।
3.   शनि यंत्र धारण करें ।
4.   मिट्टी के पात्र में शहद भरकर खेत में मिट्टी के नीचे दबाएँ । खेत की जगह बगीचे में भी दबा सकते हैं ।
5.   अपने हाथ में घोड़े की नाल का शनि छल्ला धारण करें ।


           IN ENGLISH 
1. Seventh sense of operations since the Saturn Hoto man dare not lose any money and is sustainable.2. The person who sat in the seventh house is the woman is deprived of happiness.
3. If Saturn in seventh house person's hardened heart and is good in politics, but it may well be called one-sided.4. Hoto person to visit Saturn in seventh house can also be painful.5. People get disappointed with the Court and state6. Strong Saturn in seventh house wife, the property provides permanent wealth is possible.7. A woman's horoscope Saturn Vivha Hoto her widower, Age and property a person is8. Gemini, Virgo, Sagittarius, Saturn in Pisces in the seventh house astrology, teaching, editing, math, helps in the printing sector.9. Early childhood is the mother or father died, the person may also be adopted.10.52 in the 55 th year, wife of the Vicoh possible.



Measures in the seventh house Saturn's Red Book1. Adulterous woman never sleep create. 2. Every Saturday black bread smeared with cow ghee Feed regularly.3. Sat Hold equipment.4. Ceramics honey in the filling, press down on the farm soil. Field can also press the space in the garden.5. Your hand holding the horseshoe to the Saturn ring.